Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report विश्व स्तर पर हाईपरटेंशन की बढ़ती समस्या: 2025 WHO रिपोर्ट का विश्लेषण

Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report
परिचय
हाईपरटेंशन, जिसे सामान्य भाषा में उच्च रक्तचाप कहा जाता है, आज दुनिया में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन गया है। 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report) द्वारा जारी नई रिपोर्ट ने दिखाया है कि उच्च रक्तचाप से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.4 अरब हो गई है। यह आंकड़ा इस बीमारी की गंभीरता और वैश्विक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस लेख में हम Worldwide Hypertension – 2025 WHO Reort की रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों, उच्च रक्तचाप के कारणों, जोखिमों, और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
विश्व स्तर पर स्थिति (Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report)
WHO की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.4 अरब वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं। यह इस आयु वर्ग की 33% जनसंख्या के बराबर है। इनमें से केवल 20% से भी कम लोग दवाओं या जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से अपने रक्तचाप को नियंत्रित कर पाए हैं। लगभग 600 मिलियन लोग (44%) इस बीमारी के बारे में जानते ही नहीं हैं।
उच्च रक्तचाप से संबंधित हृदय रोगों और स्ट्रोक के कारण विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी प्रभाव पड़ा है। 2011 से 2025 तक, इसके कारण निम्न और मध्य-आय वाले देशों को अनुमानित रूप से 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है। यह संख्या केवल वित्तीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।
हाईपरटेंशन के कारण
उच्च रक्तचाप के पीछे कई कारण हैं।Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report के अनुसार, प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
- अस्वास्थ्यकर आहार: नमक और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन रक्तचाप को बढ़ाता है।
- शारीरिक निष्क्रियता: बैठने की जीवनशैली और व्यायाम की कमी हृदय और रक्त वाहिकाओं को कमजोर करती है।
- मोटापा: अत्यधिक वजन और पेट की चर्बी रक्तचाप को प्रभावित करती है।
- तनाव और मानसिक दबाव: लगातार मानसिक तनाव हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है।
- तंबाकू और शराब का सेवन: ये आदतें रक्तचाप बढ़ाने में सीधे योगदान देती हैं।
- अनुवांशिक कारण: परिवार में हाईपरटेंशन के इतिहास होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
- पर्यावरणीय कारक: प्रदूषण और अन्य बाहरी कारक भी इस समस्या में योगदान करते हैं।
भारत में स्थिति
भारत में उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शहरीकरण, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, तनावपूर्ण कार्य जीवन और आहार की आदतें प्रमुख कारण हैं। भारत सहित निम्न और मध्य-आय वाले देशों में उच्च रक्तचाप का नियंत्रण और जागरूकता कम होने के कारण इसके प्रभाव अधिक गंभीर होते हैं।
उच्च रक्तचाप के जोखिम (Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report)
उच्च रक्तचाप कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे:
- हृदय रोग और दिल का दौरा
- स्ट्रोक
- गुर्दे की बीमारी
- दृष्टि में समस्या
- मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव
उच्च रक्तचाप को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
नियंत्रण और रोकथाम
WHO ने उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय सुझाए हैं:
- नियमित जांच: समय-समय पर रक्तचाप की जांच करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- स्वस्थ आहार: कम नमक, संतुलित पोषण, फल और सब्जियों का अधिक सेवन।
- नियमित व्यायाम: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम जैसे तेज़ चलना, साइक्लिंग, या तैराकी।
- तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद तनाव कम करने में मदद करती है।
- मदिरा और तंबाकू से परहेज़: इनका सेवन रक्तचाप को बढ़ाता है।
- वजन नियंत्रण: संतुलित वजन बनाए रखना रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
जीवनशैली सुधार और शिक्षा
WHO का सुझाव है कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए केवल दवा पर निर्भर न रहकर जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता है। समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रम, आहार शिक्षा, और फिटनेस को बढ़ावा देना आवश्यक है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को मिलकर लोगों तक जानकारी पहुँचाने और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
तकनीकी उपाय और नवाचार
तकनीकी क्षेत्र में भी उच्च रक्तचाप के नियंत्रण के लिए कई नवाचार हुए हैं। स्मार्ट वॉच और फिटनेस ट्रैकर अब रक्तचाप और हृदय गति की निगरानी कर सकते हैं। मोबाइल एप्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लोगों को आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन में सहायता कर रहे हैं। ये तकनीकें उच्च रक्तचाप की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
निष्कर्ष
2025 में WHO की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि उच्च रक्तचाप एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। इसे नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव, नियमित जांच, और शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत और अन्य विकासशील देशों में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकारी नीतियों, स्वास्थ्य सेवाओं, और जन जागरूकता अभियानों का सहयोग आवश्यक है।
स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखकर हम इस ‘साइलेंट किलर’ को नियंत्रित कर सकते हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।
