Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report विश्व स्तर पर हाईपरटेंशन की बढ़ती समस्या: 2025 WHO रिपोर्ट

Worldwide Hypertension – 2025  WHO Report विश्व स्तर पर हाईपरटेंशन की बढ़ती समस्या: 2025 WHO रिपोर्ट का विश्लेषण

Worldwide Hypertension - 2025 WHO Report

Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report

परिचय

हाईपरटेंशन, जिसे सामान्य भाषा में उच्च रक्तचाप कहा जाता है, आज दुनिया में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन गया है। 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report) द्वारा जारी नई रिपोर्ट ने दिखाया है कि उच्च रक्तचाप से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.4 अरब हो गई है। यह आंकड़ा इस बीमारी की गंभीरता और वैश्विक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस लेख में हम Worldwide Hypertension – 2025  WHO Reort की रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों, उच्च रक्तचाप के कारणों, जोखिमों, और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

विश्व स्तर पर स्थिति (Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report)

WHO की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.4 अरब वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं। यह इस आयु वर्ग की 33% जनसंख्या के बराबर है। इनमें से केवल 20% से भी कम लोग दवाओं या जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से अपने रक्तचाप को नियंत्रित कर पाए हैं। लगभग 600 मिलियन लोग (44%) इस बीमारी के बारे में जानते ही नहीं हैं।

उच्च रक्तचाप से संबंधित हृदय रोगों और स्ट्रोक के कारण विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी प्रभाव पड़ा है। 2011 से 2025 तक, इसके कारण निम्न और मध्य-आय वाले देशों को अनुमानित रूप से 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है। यह संख्या केवल वित्तीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।

हाईपरटेंशन के कारण

उच्च रक्तचाप के पीछे कई कारण हैं।Worldwide Hypertension – 2025 WHO Report के अनुसार, प्रमुख कारणों में शामिल हैं:

  1. अस्वास्थ्यकर आहार: नमक और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन रक्तचाप को बढ़ाता है।
  2. शारीरिक निष्क्रियता: बैठने की जीवनशैली और व्यायाम की कमी हृदय और रक्त वाहिकाओं को कमजोर करती है।
  3. मोटापा: अत्यधिक वजन और पेट की चर्बी रक्तचाप को प्रभावित करती है।
  4. तनाव और मानसिक दबाव: लगातार मानसिक तनाव हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है।
  5. तंबाकू और शराब का सेवन: ये आदतें रक्तचाप बढ़ाने में सीधे योगदान देती हैं।
  6. अनुवांशिक कारण: परिवार में हाईपरटेंशन के इतिहास होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
  7. पर्यावरणीय कारक: प्रदूषण और अन्य बाहरी कारक भी इस समस्या में योगदान करते हैं।

भारत में स्थिति

भारत में उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शहरीकरण, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, तनावपूर्ण कार्य जीवन और आहार की आदतें प्रमुख कारण हैं। भारत सहित निम्न और मध्य-आय वाले देशों में उच्च रक्तचाप का नियंत्रण और जागरूकता कम होने के कारण इसके प्रभाव अधिक गंभीर होते हैं।

उच्च रक्तचाप के जोखिम (Worldwide Hypertension – 2025  WHO Report)

उच्च रक्तचाप कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे:

  • हृदय रोग और दिल का दौरा
  • स्ट्रोक
  • गुर्दे की बीमारी
  • दृष्टि में समस्या
  • मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव

उच्च रक्तचाप को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

नियंत्रण और रोकथाम

WHO ने उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय सुझाए हैं:

  1. नियमित जांच: समय-समय पर रक्तचाप की जांच करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  2. स्वस्थ आहार: कम नमक, संतुलित पोषण, फल और सब्जियों का अधिक सेवन।
  3. नियमित व्यायाम: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम जैसे तेज़ चलना, साइक्लिंग, या तैराकी।
  4. तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद तनाव कम करने में मदद करती है।
  5. मदिरा और तंबाकू से परहेज़: इनका सेवन रक्तचाप को बढ़ाता है।
  6. वजन नियंत्रण: संतुलित वजन बनाए रखना रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।

जीवनशैली सुधार और शिक्षा

WHO का सुझाव है कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए केवल दवा पर निर्भर न रहकर जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता है। समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रम, आहार शिक्षा, और फिटनेस को बढ़ावा देना आवश्यक है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को मिलकर लोगों तक जानकारी पहुँचाने और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

तकनीकी उपाय और नवाचार

तकनीकी क्षेत्र में भी उच्च रक्तचाप के नियंत्रण के लिए कई नवाचार हुए हैं। स्मार्ट वॉच और फिटनेस ट्रैकर अब रक्तचाप और हृदय गति की निगरानी कर सकते हैं। मोबाइल एप्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लोगों को आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन में सहायता कर रहे हैं। ये तकनीकें उच्च रक्तचाप की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

निष्कर्ष

2025 में WHO की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि उच्च रक्तचाप एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। इसे नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव, नियमित जांच, और शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत और अन्य विकासशील देशों में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकारी नीतियों, स्वास्थ्य सेवाओं, और जन जागरूकता अभियानों का सहयोग आवश्यक है।

स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखकर हम इस ‘साइलेंट किलर’ को नियंत्रित कर सकते हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।

https://billrothhospitals.com/world-hypertension-day-2025/#:~:text=World%20Hypertension%20Day%202025%20Theme,to%20a%20longer%2C%20healthier%20life.

https://www.who.int/campaigns/world-health-day/2025

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Heart Health Tips in Hindi मुंह की गंदगी से हार्ट अटैक तक: क्यों और कैसे जुड़ा है आपका ओरल हेल्थ और हृदय रोगों का रिश्ता? |

Heart Health Tips in Hindi

Heart Health Tips in Hindi मुंह की गंदगी से हार्ट अटैक तक: क्यों और कैसे जुड़ा है आपका ओरल हेल्थ और हृदय रोगों का रिश्ता? |

हम सभी जानते हैं कि दांत और मसूड़े (Heart Health Tips in Hindi) हमारे खाने-पीने और बोलने के लिए कितने ज़रूरी हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मुंह की छोटी-सी लापरवाही भी आपके दिल की धड़कनों के लिए खतरनाक हो सकती है?
आधुनिक शोध बताते हैं कि ओरल हेल्थ (Oral Health) और कार्डियक हेल्थ (Cardiac Health) आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। मुंह की गंदगी से पैदा होने वाले बैक्टीरिया सीधे खून में घुसकर दिल की धमनियों तक पहुँचते हैं और वहीं से शुरू होती है हार्ट अटैक की कड़ी।


क्यों जुड़ा है मुंह की गंदगी और हृदय रोगों का गहरा रिश्ता? (Heart Health Tips in Hindi)

1. बैक्टीरिया और रक्त प्रवाह

मसूड़ों की बीमारी (Periodontal Disease) में जब सूजन या पायरिया होता है, तो लाखों बैक्टीरिया आसानी से रक्त प्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं। यह बैक्टीरिया खून की धमनियों की परत (Endothelium) को प्रभावित करते हैं और उसमें सूजन पैदा कर देते हैं।

2. धमनियों का कठोर होना (Atherosclerosis)

संक्रमण के कारण धमनियों की भीतरी दीवार पर प्लाक जमना शुरू हो जाता है। यह प्लाक चर्बी, कोलेस्ट्रॉल और बैक्टीरिया के मेल से बनता है। धीरे-धीरे नसें कठोर हो जाती हैं और खून का प्रवाह बाधित होने लगता है।

Heart Health Tips in Hindi

Heart Health Tips in Hindi

3. सूजन का दुष्चक्र

लगातार मसूड़ों की सूजन शरीर में क्रोनिक इंफ्लेमेशन को जन्म देती है। क्रोनिक इंफ्लेमेशन वही अदृश्य दुश्मन है जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बनता है।


शोध क्या कहते हैं? (Heart Health Tips in Hindi)

  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जिन लोगों को मसूड़ों की गंभीर बीमारी होती है उनमें हार्ट अटैक का रिस्क 20% अधिक पाया गया है।

  • ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग दिन में 2 बार ब्रश नहीं करते, उनमें हार्ट प्रॉब्लम का खतरा कहीं अधिक होता है।

  • भारत में भी कार्डियोलॉजिस्ट अब “ओरल हेल्थ चेकअप” को हार्ट पेशेंट्स के लिए ज़रूरी मानने लगे हैं।


मुंह की बीमारी के चेतावनी संकेत (Heart Health Tips in Hindi)

  • मसूड़ों से बार-बार खून आना

  • दांतों का ढीला होना या हिलना

  • लगातार बदबू आना

  • मसूड़ों का लाल या नीला पड़ जाना

  • मुंह में बार-बार छाले या फोड़े

ये संकेत केवल दांतों की परेशानी नहीं, बल्कि दिल की संभावित समस्या का भी संकेत हो सकते हैं।


हृदय को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

1. ओरल हेल्थ के लिए (Heart Health Tips in Hindi)

  • दिन में दो बार 2 मिनट तक सही तरीके से ब्रश करें।

  • हर भोजन के बाद कुल्ला करने की आदत डालें।

  • फ्लॉसिंग और माउथवॉश का उपयोग करें।

  • समय-समय पर डेंटिस्ट से जांच करवाएँ।

2. हृदय की सेहत के लिए

  • धूम्रपान और तंबाकू पूरी तरह छोड़ दें।

  • रोज़ाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।

  • संतुलित भोजन लें — फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज और कम वसा वाला भोजन।

  • नमक और शुगर की मात्रा सीमित रखें।

  • तनाव कम करने के लिए ध्यान और योग करें।

3. मेडिकल जांच

  • हर 6-12 महीने में ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाएँ।

  • परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो तो विशेष सतर्कता रखें।


क्यों ज़रूरी है यह जानकारी?

दिल का दौरा अचानक नहीं आता। यह धीरे-धीरे हमारे जीवनशैली और आदतों से जुड़ता है।

  • अगर आप मुंह की सफाई की उपेक्षा करते हैं, तो आप अनजाने में दिल की धड़कनों को खतरे में डाल रहे हैं।

  • अगर आप दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखते हैं, तो आप न सिर्फ आत्मविश्वास भरी मुस्कान पाते हैं बल्कि दिल को भी लंबी उम्र देते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या मसूड़ों से खून आना हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण है?
उत्तर: यह सीधे हार्ट अटैक का लक्षण नहीं, लेकिन गंभीर ओरल इंफेक्शन का संकेत है जो हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है।

प्रश्न 2: क्या केवल ब्रश करना ही पर्याप्त है?
उत्तर: नहीं, फ्लॉसिंग और नियमित डेंटल चेकअप भी ज़रूरी हैं।

प्रश्न 3: क्या हर मसूड़ों की बीमारी से हार्ट प्रॉब्लम होती है?
उत्तर: हर मामले में नहीं, लेकिन लंबे समय तक इग्नोर करने से रिस्क कई गुना बढ़ जाता है।

प्रश्न 4: क्या हेल्दी डाइट हार्ट और ओरल हेल्थ दोनों को बचा सकती है?
उत्तर: बिल्कुल। फल, सब्जियाँ, फाइबर और पानी दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं।


निष्कर्ष

मुंह की गंदगी को कभी हल्के में न लें। यह केवल आपकी मुस्कान और आत्मविश्वास नहीं बिगाड़ती बल्कि आपके दिल की धड़कनों के लिए भी खतरा बन सकती है।
याद रखिए —
👉 साफ दाँत और मसूड़े = मजबूत दिल और लंबी उम्र।

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मुंह की गंदगी से हार्ट अटैक के अन्य वेबसाइट भी देखे

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rozana 15 minute rassi koodne ke फायदे रोज़ाना 15 मिनट रस्सी कूदने के अद्भुत फायदे – फिटनेस, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य rozana15 minute rassi koodne ke fayde

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rozana 15 minute rassi koodne ke रोज़ाना 15 मिनट रस्सी कूदने के फायदे – फिटनेस, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य

rozana 15 minute rassi koodne ke रोज़ाना सिर्फ 15 मिनट रस्सी कूदने के मिलते हैं ढेरों फायदे

आज के व्यस्त जीवन में फिट और हेल्दी रहना एक बड़ी चुनौती बन गया है। जिम जाना, लंबे समय तक वर्कआउट करना या अलग-अलग फिटनेस प्रोग्राम्स को फॉलो करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में यदि कोई सरल और प्रभावी एक्सरसाइज हो जो कम समय में अधिक फायदा दे, तो वह सभी के लिए वरदान साबित हो सकती है। रोज़ाना सिर्फ 15 मिनट रस्सी कूदना ऐसी ही एक सरल, कम खर्चीली और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध एक्सरसाइज है।


1. रस्सी कूदना – एक एरोबिक एक्सरसाइज

rozana 15 minute rassi koodne ke रस्सी कूदना एक एरोबिक या कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज है। एरोबिक एक्सरसाइज वह होती है जिसमें हृदय और फेफड़ों की गति बढ़ती है और मांसपेशियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति तेज होती है। शोध बताते हैं कि कार्डियो एक्सरसाइज हृदय की कार्यक्षमता, फेफड़ों की क्षमता और पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है।

15 मिनट की रस्सी कूदने की सत्र में आप औसतन 150-200 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। यह बर्निंग क्षमता आपकी बॉडी वेट, उम्र और कूदने की गति पर निर्भर करती है।


2. फिजिकल फिटनेस और मेटाबॉलिज़्म

रस्सी कूदना शरीर के कई हिस्सों की मांसपेशियों को एक्टिव करता है – पैर, टखने, घुटने, कंधे और पेट की मसल्स। यह मसल्स की टोनिंग में मदद करता है और शारीरिक शक्ति बढ़ाता है।

साथ ही, नियमित रस्सी कूदने से मेटाबॉलिज़्म तेज होता है। तेज मेटाबॉलिज़्म का मतलब है कि शरीर भोजन से अधिक कैलोरी जलाएगा और फैट कम होगा। यह वजन नियंत्रण और बॉडी फैट घटाने के लिए बेहद फायदेमंद है।


3.rozana 15 minute rassi koodne ke हृदय स्वास्थ्य और ब्लड सर्कुलेशन 

रस्सी कूदना एक कार्डियो एक्सरसाइज है, इसलिए यह हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। रोज़ाना 15 मिनट की साधारण रस्सी कूदने की प्रैक्टिस:

  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है

  • कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखती है

  • हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करती है

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की रिपोर्ट के अनुसार, कम समय की उच्च-इंटेंसिटी कार्डियो एक्सरसाइज भी लंबे समय तक चलने वाले स्वास्थ्य लाभ दे सकती है।


rozana15 minute rassi koodne ke fayde

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4. मेंटल हेल्थ पर असर

शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है। रस्सी कूदने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज़ होता है, जिसे “हैप्पी हार्मोन” भी कहा जाता है। एंडोर्फिन तनाव कम करता है, मूड को बेहतर बनाता है और डिप्रेशन व एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याओं में राहत देता है।

इसके अलावा, नियमित फिजिकल एक्टिविटी से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य और भी मजबूत होता है।


5. स्टैमिना और स्ट्रेंथ बढ़ाना

रस्सी कूदने से पैरों, टखनों और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे शारीरिक स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ती है। लंबे समय तक एक्टिव रहने, खेल-कूद और रोजमर्रा की गतिविधियों में यह काफी मददगार है।


6. को-ऑर्डिनेशन और बैलेंस

रस्सी कूदते समय हाथ और पैर की गति को सही समय पर संतुलित करना पड़ता है। यह मांसपेशियों और मस्तिष्क के बीच बेहतर को-ऑर्डिनेशन विकसित करता है। बैलेंस और रिफ्लेक्स सुधारने में भी यह मदद करता है।


7. वजन घटाने में मदद 

यदि आपका उद्देश्य वजन कम करना है, तो रस्सी कूदना rozana15 minute rassi koodne ke fayde बेहतरीन विकल्प है। हाई इंटेंसिटी रस्सी कूदने की प्रैक्टिस फैट बर्न करती है, बॉडी टोनिंग करती है और मेटाबॉलिज़्म को तेज करती है। इसके नियमित अभ्यास से कम समय में भी प्रभावशाली परिणाम मिल सकते हैं।


8. इम्युनिटी बूस्ट

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित फिजिकल एक्टिविटी से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। रोज़ाना रस्सी कूदना शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इससे सर्दी, खांसी और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है।


9. सुलभ और सस्ता एक्सरसाइज विकल्प

रस्सी कूदने के लिए महंगे जिम या उपकरणों की जरूरत नहीं होती। बस एक रस्सी और थोड़ी जगह की आवश्यकता होती है। इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है और यह समय व पैसे दोनों की बचत करता है।


10. सुरक्षा और सुझाव

  • शुरुआत में धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ।

  • आरामदायक जूते पहनें और सपाट सतह पर कूदें।

  • अगर घुटनों या टखनों में चोट है तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।


निष्कर्ष

रोज़ाना सिर्फ 15 मिनट रस्सी कूदना न केवल फिजिकल फिटनेस बढ़ाता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। यह आसान, सस्ता और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित एक्सरसाइज है। अगर आप इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करते हैं, तो जल्द ही इसके अद्भुत लाभ महसूस करेंगे। इस रस्सी कूद से आपको अद्भुत फायदे मिलने वाले हैं ।

इस छोटे समय में की गई साधारण एक्सरसाइज आपके जीवन को स्वस्थ, लंबा और ऊर्जा से भरपूर बना सकती है।

https://www.jagran.com/lifestyle/health-health-benefits-of-skipping-rope-daily-glowing-skin-build-stamina-24059633.html

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60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1 Health Tips

60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1Health Tips

60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1 Health Tips

🌿 60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स

👉 उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ज़रूरतें बदल जाती हैं। 60 साल के बाद हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं, पाचन धीमा हो जाता है और इम्यूनिटी भी घटने लगती है। ऐसे समय में सही डाइट आपको एक्टिव, फिट और एनर्जेटिक बनाए रख सकती है।

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि कौन-से 8 घरेलू फूड्स 60 साल के बाद ज़रूर खाने चाहिए।


1. 🥛 दूध और दही (Milk & Curd) 60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1 Health Tips

  • हड्डियों और दांतों को मज़बूत करने के लिए सबसे अच्छा स्रोत।

  • कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर।

  • रोज़ाना 1-2 गिलास दूध या 1 कटोरी दही ज़रूर लें।

  • 60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स Health Tips

    60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स Health Tips


2. 🌿 हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ (Leafy Greens)

  • पालक, मेथी, सरसों में आयरन और फोलेट होता है।

  • पाचन सही रखती हैं और खून की कमी दूर करती हैं।

  • हफ्ते में कम से कम 3–4 बार डाइट में शामिल करें।


3. 🍎 ताज़े फल (Fruits) 60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1 Health Tips

  • सेब, केला, पपीता, संतरा — फाइबर और विटामिन C से भरपूर।

  • इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं।

  • रोज़ 2–3 फल खाने की आदत डालें।


4. 🥣 दाल और चना (Pulses & Chickpeas)

  • प्रोटीन का बढ़िया स्रोत, मांसपेशियों को मज़बूत करता है।

  • बुजुर्गों में कमजोरी और थकान को दूर करता है।

  • रोज़ाना 1 कटोरी दाल या उबला चना ज़रूर खाएँ।


5. 🥜 सूखे मेवे (Dry Fruits)

  • बादाम, अखरोट, किशमिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है।

  • दिमाग़ और दिल को स्वस्थ रखते हैं।

  • सुबह भीगे हुए 4-5 बादाम, 1 अखरोट और 1 चम्मच किशमिश खाएँ।


6. 🌼 हल्दी (Turmeric)

  • एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी-बैक्टीरियल गुण।

  • जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत।

  • दूध में हल्दी डालकर रात को पीना बेहद फायदेमंद।


7. 🧄 अदरक और लहसुन (Ginger & Garlic)

  • दिल की बीमारियों से बचाव।

  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित।

  • सुबह खाली पेट 1–2 लहसुन की कलियाँ या अदरक वाली चाय पी सकते हैं।


8. 🌾 अनाज (Whole Grains)

  • ज्वार, बाजरा, ओट्स, ब्राउन राइस — पाचन के लिए अच्छे।

  • डायबिटीज और मोटापे से बचाव।

  • रोज़ की डाइट में कम से कम 1 बार ज़रूर शामिल करें।

  • 60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स | Health Tips

60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1Health Tips

60 साल के बाद सेहत के लिए 8 ज़रूरी फूड्स 1Health Tips

🧾 निष्कर्ष (Conclusion)

60 साल की उम्र के बाद सेहत का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। अगर आप इन 8 घरेलू फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो न सिर्फ़ बीमारियों से बचेंगे बल्कि हमेशा एक्टिव और फिट महसूस करेंगे।

👉 याद रखें: संतुलित आहार + हल्की कसरत + पॉज़िटिव सोच = लंबी और स्वस्थ ज़िंदगी।

हमारी ये रचनाए भी देखें :-

https://fitnesswellness2.com/

https://www.youtube.com/@murariprasad2

स्वस्थ रहने के 21 नियम

स्वस्थ रहने के 21 नियम

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आज कल के इस भाग दौड़ के के जिंदगी में हम सुब कुछ प्राप्त कर लेते है पर जो सबसे अमूल्य चीज है उसके ऊपर हम अपना ध्यान फोकस नहीं कर पाते है, कहा भी गया है ही “स्वास्थ्य ही धन है” , अंग्रेजी में कहा गया है की “हेल्थ इज वेल्थ” । स्वस्थ रहने के 21 नियम एक और कहावत है की ” पहला सुख निरोगी काया “ लेकिन हम सब कुछ पर तो इन्वेस्टमेंट कर देते हैं पर अपने स्वस्थ्य के प्रति हम उदासीन रहते हैं ।

स्वस्थ रहने के 21 नियम

स्वस्थ रहने के 21 नियम

आज के इस लेख में हम स्वस्थ रहने के 21 नियमो पर चर्चा करेंगे  :

1.  सुबह के समय खाली पेट गुनगुना पानी पियें ।

2.  सुबह खाली पेट कभी भी चाय ना पियें ।

3. दिन में 8-12 गिलास पानी सिप सिप करके जरूर पियें ।

4. अपने दवा को कभी भी ठन्डे पानी से ना लें

5. सुबहः खाने के साथ जूस पीना चाहिए ।

6. खाना को कम से कम 32 बार चबा का खाना चाहिए ।

7 खाना खाने के वक्त कभी भी पानी न पियें, पानी खाने खाने के 30 मिनट पहले या 30 मिनट के बाद पियें ।

8 खाने में सफ़ेद नमक बिलकुल बंद कर दे, सेंधा नमक का ही प्रयोग करे ।

9 खाना खाने के बाद सौंफ और गुड़ जरूर खाये।

10 सुबह या दोपहर में दही खाये ।

11 खट्टे फलो का सेवन रत में ना करें ।

12 टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना ना खाएं।

13 रात को सोते समय अपने पास मोबाइल ना रखें ।

14 सुबह नास्ते से पहले और रात में खाना खाने के बाद 500 कदम पैदल चलें ।

15 रात ले समय दही, चावल और राजमा ना खाएं ।

16 फ्रीज़ में रखा ठंडा पानी ना पियें ।

17 रात ले समय खाने के बाद दाँत साफ करे और एक गिलास पानी पीकर सोएं।

18 शाम 5 बजे बाद भारी भोजन ना करें ।

19 हमेशा मोबाइल को बाये कान पर लगाकर मोबाइल कॉल्स का जबाब देवें।

20 रात में 10 बजे से सुबह 4 बजे तक सोएं ।

21 जिस आदमी के कब्ज रहता हैं उन्हें रात के समय पपीता खा कर सोना चाहिए ।

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स्वाथ्य से सम्बंधित लेख के लिए निम्न लेख भी देखे :-

https://www.practo.com/healthfeed/n-a-45027/post

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मानसिक सेहत , तनाव और जंक फ़ूड

मानसिक सेहत , तनाव और जंक फ़ूड

आज कल के भाग दौड़ की जिंदगी में हम अपने स्वस्थ्य का ध्यान नहीं रख रकते है, मानसिक सेहत , तनाव और जंक फ़ूड एक दूसरे से जुड़े हुए है,  जब भी हम तनाव में होते है  तब हमारा दिल करता है की कोई न कोई जंक फ़ूड खाया जाय और हम केवल यह समझ कर जंक फ़ूड की और आकर्षित होते है कयुँकि ज्यादा से ज्यादा हमारा थोड़ा वजन बढ़ जाएगा  और कुछ नहीं जबकि तनाव में जंक फ़ूड खाने से हमारी चिंताए और बढ़ जाती है ऐसा शोध में पाया गया है।

मानसिक सेहत , तनाव और जंक फ़ूड

मानसिक सेहत , तनाव और जंक फ़ूड

यूनिवर्सिटी का कोलोरेडो के एक नए शोध से पता चला है कि तनाव के समय अस्वस्थकर भोजन करने से हमारा चिंता का और बढ़ जाते हैं हर कोई जानता है की फास्ट फूड हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है लेकिन फिर भी हमारा समाज वह खा रहा है जो हमारे स्वस्थ्य के लिए सही नहीं है।

हमारे बीच यह बात प्रचलित है कि जब हम उच्च कैलोरी वाले मीठा या फास्ट फूड खाते हैं तो हमें भावनात्मक रूप से तृप्ति मिलती है और हमारी भावनात्मक स्थिति में सुधार होती है इस शोध से इस प्रचलित धारणा को चुनौती मिलती है।

माइंड टॉक  की वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक और कार्यकारी डायरेक्टर नेहा केड़ाबम कहती है जब आप तनाव में होते हैं तो समोसा या बर्गर खाने का मन करता है लेकिन यह आखिरकार एक जाल है जो आपकी चिंता को और बढ़ा सकता है।

कुछ ऐसे फ़ास्ट फ़ूड है जो हमारे स्वस्थ्य पर बहुत ही बुरा डालते है  :-

ट्रांस और सैचुरेटेड वसा फ़ूड : 

कुरकुरे तले हुए व्यंजन में पाए जाने वाले वासा सूजन का कारण बनते हैं और हमारे मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं।

रिफाइंड शुगर :

अगर आपको चीनी बहुत ज्यादा पसंद है और आप बहुत अधिक मात्रा में ग्रहण करते है तो तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है आपको घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है।

प्रत्येक कृत्रिम चीज  :

हर वह कृत्रिम चीज चाहे वह कृत्रिम रंग हो चाहे स्वाद बढ़ाने वाले कोई पदार्थ हो तो वह आपके तंत्रिका तंत्र में गंभीर समस्याएं हैं पैदा कर सकते हैं जिससे हमारे चिंता बढ़ जाती है।   आगे  नेहा केड़ाबम कहती है की  यह तत्व आपके मेटाबॉलिज्म और मस्तिष्क के रसायन को बाधित करते हैं जिससे चिंता और बढ़ जाती है।

मानसिक सेहत, तनाव कम करने के लिए फल और सब्जियाँ हमारे स्वस्थ्य के लिए बहुत ही फायदे मंद है ।

नट्स और बीज, साबुत अनाज  आदि आपके नसों को शांत करने में मदद करता है ।

जंक फ़ूड कम से कम खाये इतनी सी आग्रह है ।

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विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024 

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024

क्या है विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024  – जब सामान्य दवाई भी सही काम नहीं करे : उचरक्तचाप दिनांक 17 मई 2024

विश्व उचरक्तचाप दिवस  2024

विश्व उचरक्तचाप दिवस  2024

उच्चरक्तचाप को रोकना जब कठिन हो जाये, जब सामान्य दवाई  भी सही काम नहीं करे उसे उचरक्तचाप कहते है , उचरक्तचाप को साइलेंट किलर भी कहा जाता है जो आपका ब्रेन , किडनी और आखो को प्रभावित करता है। 

जब हम उच्चरक्तचाप को मेडिसिन के द्वारा या लाइफ स्टाइल बदलकर कण्ट्रोल करना चाहते है लेकिन यह ट्रिक हमेशा काम में नहीं आता है| उच्चरक्तचाप से ग्रसित व्यक्ति अगर उच्चरक्तचाप हमेशा उच्च रहता है तो वह आपके स्वास्थय में बहुत सारी कप कॉम्प्लीकेशन्स पैदा कर देंगे |

हमें  विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024  के दिन यह जानना चाहिए की अगर हमारी ब्लड प्रेशर रेगुलर 140/90 रहता है तब हमें ह्रदय , किडनी और स्ट्रोक से सम्बंधित रोग होने का खतरा बढ़ जाती है | यह आपके धीरे धीरे स्वास्थय को ख़राब करता है |

विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024

विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024

यदि पेसेंट का ब्लड प्रेशर रेगुलर हाई रहता है यानि की 140/90 उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए जो जांच करते हैं कि यदि आवश्यक हो तो रीनल आर्टरी स्टेनोसिस, फेक्रोमोसाइटोमा और प्राथमिक हाइपरल्डोस्टेरोनिज्म जैसे माध्यमिक उच्च रक्तचाप के कारण क्या हैं| उच्चरक्तचाप हाई रहने के कारण निम्न नुकसान हो सकते है  :

1- किडनी फेलियर

2. हार्ट फेलियर

3. स्ट्रोक

4. नेत्र लॉस

उच्चरक्तचाप रहने के क्या कारण हो सकते है ?

1.  दवाई की सही अनुपालना नहीं करना |

2. शराब का सेवन

3. रेगुलर पैन किलर खाना और कफ शीरफ़ का प्रयोग

4. मोटापा

5. किडनी रोग

6. डॉक्टर के बताये के अनुसार दबाई नहीं लेना |

7. ख़राब लाइफ स्टाइल,  शराब का अधिक सेवन, अधिक नमक खाना

विश्व उचरक्तचाप दिवस 2024
के दिन उपरोक्त जानकारी अवश्य रखनी चाहिए ताकि आप वो गलती न करे |

विश्व उचरक्तचाप दिवस  2024

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World Hypertension Day 2024 : High Blood Pressure

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

World Hypertension Day 2024 : High Blood Pressure

What is resistant hypertension, the condition that does not reply well in Medication : World Hypertension Day 2024 : High Blood Pressure ( May 17, 2024)

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

Resistant hypertension is a challenging condition called High blood pressure that does not reply well to general medication.

High Blood pressure which is called a silent life killer (disease) that affect a man BRAIN, KIDNEYS &  EYES. Also keep a life on risk. When we want to control high blood pressure with medicine & by a maintaining standard lifestyle  but it tricks is not responded every time to medicine & lifestyle. If any men having constantly high blood pressure may raise so many complications who is suffering from Hypertension or High Blood Pressure.

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

We should know on the World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure that if any man having regular Blood Pressure 140/90 can increase the risk of Cardiovascular , Kidney & STROKE & is it damage your health slowly.

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

If  Blood pressure is regular high i.e. 140/90 surely see your Doctors who investigate what are reason of secondry hypertension like renal artery stenosis, phaechromocytoma and primary hyperaldosteronism if required. Uncontrolled high blood pressure causes :

1- Renal (Kidney Failure)

2. Heart Failure

3. cause STROKE

4. Vision loss

Causes of Resistant Hypertension or Uncontrolled high blood pressure

1.  Poor compliance with Medication

2. Use of Alcohol

3. Regular use of painkillers and Cough Syrups

4. Obesity

5. Kidney Dysfunction

6. Not taking medicine as directed by Doctors

7. Bad life style like intake of excessive use of Alcohol, Intake of High Salt

World Hypertension Day 2024 High Blood Pressure

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Shift Work Diabetes Obesity Metabolic Disorder Sleep 1

Shift Work Diabetes Obesity Metabolic Disorder Sleep

Shift Work Diabetes Obesity Metabolic Disorder Sleep 1

Just 3 night shifts can increase risk of diabetes, obesity -Study

Shift Work Diabetes Obesity Metabolic Disorder Sleep

Shift Work Diabetes Obesity Metabolic Disorder Sleep

A Study revealed that only Night Shift can increase the risk of Diabetes, Obesity, Washington State University (US) revealed that night shift can cause the body’s protein rhythms, it cause blood glucose regulation to go haywire.

It also hampers energy metabolism and inflammation – influencing the development of chronic metabolic status.

Only three night shifts raise various disease like Diabetes, Obesity, Metabolic Disorder, Sleep disorder and many life style disease.

That is why we should be regular for every things so that we can prevent ourselves from may disease.

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RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

A man who had received genetically modified pig kidney transplant has died,  This kidney transplants is done 2 month before. His Name was RICK SLAYMAN of aged 62 year, he was suffering with end-stage kidney disease in the months of March 2024.

Hospital where this Transplants is done namely MASSACHUSETTS GENERAL HOSPITAL has declared that there are not indication that death of RICK SLAYMAN is due to Kidney transplants reason may be other.  Hospital said transplants of other organ from genetically modified pig have been also failed before. RICK SLAYMAN who received first pig kidney transplant has died

Hospital also declared that MR. RICK SLAYMAN was also suffering from Diabetes & High Blood Pressure Disease.  In  2018 also done human kidney transplants with him. That kidney began to fail after five year.

MASSACHUSETTS GENERAL HOSPITAL had also declared after transplants that no dialysis if require after pig kidney transplants because organ is working well.

“Mr. Slayman will forever be seen as a beacon of hope to countless transplant patients worldwide and we are deeply grateful for his trust and willingness to advance the field of xenotransplantation,” MGH said in a statement.

Hospital said it was deeply saddened” for his sudden death and offered condolences to his relatives & friends .

Mr Slayman’s relatives said his story was an inspiration.

“Rick said that one of the reasons he underwent this procedure was to provide hope for the thousands of people who need a transplant to survive,” they said.

“Rick accomplished that goal and his hope and optimism will endure forever.

“To us, Rick was a kind-hearted man with a quick-witted sense of humour who was fiercely dedicated to his family, friends, and co-workers,” they added.

While Mr Slayman received the first pig kidney to be transplanted into a human, it is not the first pig organ to be used in a transplant procedure.

Two other patients have received pig heart transplants, but those procedures were unsuccessful as the recipients died a few weeks later.

In one case, there were signs the patient’s immune system had rejected the organ, which is a common risk in transplants.

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