मकर संक्रांति (makar sankranti par bhashan) और 2026 का भारत – सामाजिक सुरक्षा, स्वावलंबन, शिक्षा और संस्कार

makar sankranti par bhashan

🌞 मकर संक्रांति (makar sankranti par bhashan) और 2026 का भारत – सामाजिक सुरक्षा, स्वावलंबन, शिक्षा और संस्कार

भूमिका

सभी सम्माननीय उपस्थितजनों और मेरे प्यारे मित्रों को नमस्कार।

आज हम एक ऐसे पर्व और विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं जो हमारे जीवन, हमारे समाज और हमारे भविष्य से गहरे जुड़े हैं।
मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं है। यह सिर्फ पतंग उड़ाने, तिल-गुड़ खाने या गंगा में स्नान करने का दिन नहीं है। यह पर्व हमें जीवन की दिशा बदलने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है।

जैसे सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण होता है, वैसे ही हमारे जीवन में भी अंधकार से प्रकाश की ओर, आलस्य से कर्म की ओर, भय से साहस की ओर बढ़ने का समय आता है।

आज हम 2026 के भारत में खड़े हैं। एक ऐसा भारत जो तकनीक, डिजिटलाइजेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में है। लेकिन सवाल यही है –
क्या हमारी युवा शक्ति सुरक्षित है?
क्या हमारी शिक्षा जीवन देने वाली है?
क्या हमारे समाज में संस्कार और नैतिकता जीवित हैं?
क्या हम स्वावलंबी हैं या केवल दूसरों पर निर्भर?

इन सभी प्रश्नों के उत्तर हमें मकर संक्रांति के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व में मिलते हैं।


🌞 मकर संक्रांति (makar sankranti par bhashan)का पौराणिक महत्व

मकर संक्रांति पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्व वाला पर्व है।

  1. भीष्म पितामह का देह त्याग
    महाभारत के अनुसार भीष्म पितामह ने अपने देह त्याग का निर्णय केवल उत्तरायण के समय किया। यह घटना हमें सिखाती है कि सही समय और धैर्य से किए गए कार्यों का परिणाम महान होता है।

  2. सूर्य देव और शनिदेव
    कथा है कि शनि देव अपने पिता सूर्य से अलग रहते थे। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो पुत्र के साथ पुनर्मिलन का प्रतीक है। यह हमें जीवन में संबंध सुधारने और मतभेद दूर करने का संदेश देता है।

  3. गंगा का पृथ्वी पर आगमन
    राजा भगीरथ के तप से गंगा नदी स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरी। मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करना पुण्यदायी माना गया। इसका आध्यात्मिक अर्थ है – मन और आत्मा की शुद्धि।

  4. देवताओं की नई शुरुआत
    उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है। इस दिन किया गया जप, पूजा और दान कई गुना फलदायक होता है।

  5. तिल-गुड़ का महत्व
    तिल हमारे पुराने कर्मों का प्रतीक हैं और गुड़ मिठास का। तिल-गुड़ खाने का संदेश है – बीते हुए अनुभवों की कड़वाहट छोड़ो और जीवन में मिठास भरो।

  6. पतंग का प्रतीकात्मक अर्थ
    पतंग उड़ाना केवल खेल नहीं है। डोर से बंधी पतंग हमारी संस्कार और अनुशासन को दर्शाती है।
    डोर टूट जाए, तो पतंग गिरती है; संस्कार टूट जाए, तो जीवन भटकता है।


🌞 मकर संक्रांति (makar sankranti par bhashan) का वैज्ञानिक महत्व

  1. सूर्य की स्थिति
    मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से इसका अर्थ है कि सूर्य उत्तरायण होता है, दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होती हैं।

  2. ठंड में लाभ
    उत्तरायण के बाद सूर्य की किरणें अधिक शक्तिशाली होती हैं।

  • शरीर में विटामिन D का स्तर बढ़ता है

  • इम्यून सिस्टम मजबूत होता है

  • ठंड से होने वाली बीमारियाँ कम होती हैं

  1. स्नान का लाभ
    ठंडे पानी में स्नान करने से:

  • रक्त संचार बेहतर होता है

  • त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं

  • शरीर रोगों से लड़ने में सक्षम बनता है

  1. तिल और गुड़
    सर्दियों में तिल और गुड़ खाने से शरीर को गर्मी, ऊर्जा और हड्डियों की मजबूती मिलती है।

  2. कृषि और फसल
    उत्तरायण के समय सूर्य की ऊर्जा से फसलें पकती हैं और धरती की उर्वरता बढ़ती है।


🌞 भारत में मकर संक्रांति का उत्सव

भारत में इस पर्व को अलग-अलग नामों और परंपराओं से मनाया जाता है:

  • उत्तर भारत: मकर संक्रांति – गंगा स्नान, खिचड़ी, तिल-गुड़

  • गुजरात: उत्तरायण – पतंग महोत्सव

  • महाराष्ट्र: मकर संक्रांति – तिलगुल

  • पंजाब: लोहड़ी – आग जलाना, रेवड़ी, मूंगफली

  • तमिलनाडु: पोंगल – चार दिन का फसल उत्सव

  • आंध्र प्रदेश/तेलंगाना: संक्रांति – मुग्गुलु, गायों की पूजा

  • कर्नाटक: सुग्गी – किसान उत्सव

  • असम: माघ बिहू – सामूहिक भोज

  • केरल: मकरविलक्कु – सबरीमाला में ज्योति दर्शन

सभी जगहों पर भावना एक है – सूर्य, प्रकृति और नई शुरुआत का उत्सव।


🌞 मकर संक्रांति से जुड़ी घटनाएँ

  1. भीष्म पितामह का देह त्याग

  2. सूर्य देव और शनिदेव का मिलन

  3. गंगा का पृथ्वी पर आगमन

  4. देवताओं की नई शुरुआत

  5. सूर्य द्वारा पृथ्वी को ऊर्जा देना

🌞 मकर संक्रांति से जुड़ी प्रमुख घटनाएँ – विवरण सहित

1️⃣ भीष्म पितामह का देह त्याग

कथा:
महाभारत में भीष्म पितामह को वरदान मिला था कि वे इच्छा अनुसार मृत्यु चुन सकते हैं।
महाभारत युद्ध के दौरान, कुरुक्षेत्र में उन्होंने शरशय्या पर अपनी मृत्यु की प्रतीक्षा की, लेकिन केवल उत्तरायण के समय ही उन्होंने देह त्यागा।

महत्व:

  • उत्तरायण को पवित्र और पुण्यकारी माना गया।

  • भीष्म पितामह की यह कथा धैर्य, अनुशासन और सही समय का महत्व सिखाती है।

  • संदेश: जीवन में कर्म और समय का बहुत महत्व है; धैर्य से किया गया कार्य फलदायक होता है।

शिक्षा:

  • जीवन में जल्दीबाजी न करें।

  • सही समय पर निर्णय लेना सर्वोत्तम होता है।


2️⃣ सूर्य देव और शनिदेव का मिलन

कथा:
शनि देव अपने पिता सूर्य देव से अलग रहते थे।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं।
इस दिन सूर्य देव का शनि देव के साथ पुनर्मिलन होता है।

महत्व:

  • यह संबंध सुधारने और मतभेद दूर करने का प्रतीक है।

  • दर्शाता है कि कठिन समय और दूरी के बाद भी संबंधों में मेल और सामंजस्य संभव है।

शिक्षा:

  • परिवार और समाज में संबंध बनाए रखना चाहिए।

  • मतभेदों को क्षमा और समझ के साथ हल करना चाहिए।


3️⃣ गंगा का पृथ्वी पर आगमन

कथा:
राजा भगीरथ ने तपस्या की और गंगा नदी को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाया।
गंगा माता का आगमन तब हुआ जब उन्होंने पापियों का उद्धार करने का निर्णय लिया।
मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करना पापों से मुक्ति और शुद्धता का प्रतीक है।

महत्व:

  • यह दिन मन और आत्मा की शुद्धि का प्रतीक है।

  • धार्मिक दृष्टि से स्नान और दान का विशेष महत्व है।

शिक्षा:

  • जीवन में आत्म-शुद्धि और सुधार की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

  • दान और सेवा से आत्मा शुद्ध होती है।


4️⃣ देवताओं की नई शुरुआत

कथा:
पुराणों में कहा गया है कि मकर संक्रांति से देवताओं की ऊर्जा पृथ्वी पर अधिक सक्रिय होती है।
इस दिन सभी देवताओं की पूजा और दान करना विशेष फलदायक माना गया।

महत्व:

  • नए कार्यों और प्रयासों की शुरुआत के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है।

  • धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से मकर संक्रांति सकारात्मक ऊर्जा का समय है।

शिक्षा:

  • जीवन में नई शुरुआत करने का समय हमेशा आता है।

  • शुभ अवसर का उपयोग करके सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।


5️⃣ सूर्य द्वारा पृथ्वी को ऊर्जा देना

कथा:
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और अधिक प्रकाश और ऊर्जा पृथ्वी पर भेजते हैं।
इस समय सूर्य की किरणें शरीर, फसल और जीवन शक्ति को प्रभावित करती हैं।

महत्व:

  • यह प्राकृतिक चक्र जीवन के लिए अनिवार्य है।

  • फसल पकती है, शरीर में विटामिन D बनता है, स्वास्थ्य बेहतर होता है।

शिक्षा:

  • सूर्य की रोशनी और ऊर्जा का सही उपयोग करें।

  • जीवन में ऊर्जा और सक्रियता बनाए रखें।


🌟 सारांश

मकर संक्रांति से जुड़ी ये घटनाएँ केवल धार्मिक कथाएँ नहीं हैं, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण संदेश भी देती हैं:

  • धैर्य और सही समय का महत्व (भीष्म पितामह)

  • संबंधों में मेल और सामंजस्य (सूर्य-शनि मिलन)

  • आत्मा और मन की शुद्धि (गंगा का आगमन)

  • नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा (देवताओं का उत्सव)

  • जीवन में सक्रियता और स्वास्थ्य (सूर्य की ऊर्जा)

ये कथाएँ हमें सिखाती हैं कि मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं है, बल्कि जीवन दर्शन और मार्गदर्शन का दिन है।


🌟 2026 में भारत – सामाजिक सुरक्षा

आज के भारत में डिजिटल तकनीक ने जीवन आसान किया है, लेकिन सुरक्षा के खतरे भी बढ़ गए हैं।

  • साइबर अपराध

  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा

  • बुजुर्गों की उपेक्षा

  • नशाखोरी

सामाजिक सुरक्षा का मतलब सिर्फ पुलिस या कानून नहीं है।
यह है – परिवार, स्कूल, समाज और स्वयं की जिम्मेदारी।

मकर संक्रांति हमें याद दिलाती है कि जैसे सूर्य अंधकार हटाता है, वैसे ही समाज से डर और असुरक्षा हटाना हमारा धर्म है।


🌟 स्वावलंबन – आत्मनिर्भर भारत

स्वावलंबन का अर्थ है खुद खड़ा होना।
2025 में युवा कई अवसरों में काम कर सकते हैं:

  • डिजिटल मार्केटिंग

  • यूट्यूब/ब्लॉगिंग

  • ऑनलाइन कोचिंग

  • फ्रीलांसिंग

  • स्टार्टअप

लेकिन असली स्वावलंबन तब होता है जब हम देश और समाज पर भरोसा रखते हुए खुद अपने पैरों पर खड़े हों।

मकर संक्रांति हमें प्रेरित करती है – अपने जीवन का सूर्य खुद बनो।


🌟 शिक्षा – केवल डिग्री नहीं, दिशा

आज लाखों युवा पढ़े-लिखे हैं, पर बेरोजगार हैं।
कारण – शिक्षा ने सोचना और बनाना नहीं सिखाया।

हमें चाहिए:

  • समस्या सुलझाने की क्षमता

  • नैतिक शिक्षा

  • सोचने और निर्णय लेने की कला

Skill-based और life-oriented education ही 2025 के भारत को सशक्त बनाएगा।


🌟 संस्कार – भारत की आत्मा

संस्कार हमें सिखाते हैं:

  • माता-पिता और गुरु का सम्मान

  • समाज की जिम्मेदारी

  • राष्ट्र प्रेम

  • सहानुभूति और संवेदनशीलता

संस्कार के बिना शिक्षा और स्वावलंबन अधूरे हैं।
पतंग की डोर की तरह संस्कार हमारी आत्मा को जीवन में ऊँचाई देते हैं।


🌟 मकर संक्रांति – प्रेरक संदेश

  • पुराने दुख और असफलताएँ छोड़ो

  • सकारात्मक सोच अपनाओ

  • समाज और परिवार की जिम्मेदारी निभाओ

  • शिक्षा और स्वावलंबन के माध्यम से जीवन को सशक्त बनाओ

  • संस्कार और नैतिकता को कभी मत भूलो

जैसे सूर्य हर दिन नई रोशनी लाता है, वैसे ही हमारा कर्म और प्रयास जीवन में प्रकाश लाए।


मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, यह जीवन दर्शन और नई शुरुआत का प्रतीक है।
2026 के भारत के लिए यह हमें सिखाता है:

  • सुरक्षित समाज का निर्माण

  • युवा शक्ति का सही दिशा में उपयोग

  • शिक्षा को जीवन के अनुकूल बनाना

  • संस्कार और नैतिकता का पालन

यदि हम इन चार स्तंभों – सामाजिक सुरक्षा, स्वावलंबन, शिक्षा और संस्कार – पर खड़े होंगे, तो हमारा भारत न केवल शक्तिशाली, बल्कि आत्मनिर्भर, सुरक्षित और संस्कारी बन जाएगा।

जैसे सूर्य उत्तरायण होकर अंधकार को दूर करता है, वैसे ही हम अपने जीवन और समाज से नकारात्मकता, आलस्य और अज्ञानता को दूर करें।
इस संदेश के साथ मैं आप सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देता हूँ।

निष्कर्ष (Conclusion)

मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई शुरुआत, सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। अगर आप अपने जीवन में सामाजिक सुरक्षा, स्वावलंबन, शिक्षा और संस्कार को अपनाते हैं, तो आप न केवल खुद सशक्त बनेंगे, बल्कि समाज को भी मजबूत बना सकते हैं।

👉 आज से ही छोटे-छोटे बदलाव शुरू करें – अपने जीवन में अनुशासन, ज्ञान और नैतिकता लाएं। परिणाम धीरे-धीरे आपको दिखने लगेंगे।

अगर आप मकर संक्रांति, सामाजिक और आध्यात्मिक ज्ञान, तथा जीवन में सकारात्मक बदलाव से जुड़ी ऐसी ही भरोसेमंद जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट https://fitnesswellness2.com/ पर जरूर विज़िट करें।

यहाँ आपको त्योहारों, स्वास्थ्य, योग, जीवनशैली और प्रेरक लेखों से जुड़ी कई उपयोगी जानकारी मिलेगी।

साथ ही, अगर आप वीडियो के माध्यम से आसान भाषा में जानकारी लेना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल https://www.youtube.com/@murariprasad2 को सब्सक्राइब करना न भूलें, जहाँ नियमित रूप से नए वीडियो अपलोड किए जाते हैं।

God Keeps Account of This Wage

God Keeps Account of This Wage

God Keeps Account of This Wage

God Keeps Account of This Wage

God Keeps Account of This Wage

 

इस मजदूरी का हिसाब भगवान रखते हैं

God Keeps Account of This Wage

https://fitnesswellness2.com/

https://www.youtube.com/@murariprasad2

अस्पताल में एक कोरोना पेशेंट का केस आया ।मरीज बेहद सीरियस था । अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की।

दो-तीन घंटे के ओपरेशन के बाद डॉक्टर बाहर आया और अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो। और उससे इलाज व दवा के पैसे न लेने के लिए भी कहा ।

मरीज तकरीबन 15 दिन तक मरीज अस्पताल में रहा।

जब बिल्कुल ठीक हो गया और उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया तो उस मरीज का तकरीबन ढाई लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया।

God Keeps Account of This Wage

डॉक्टर ने अपने अकाउंट मैनेजर को बुला करके कहा …

“इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ। “मरीज व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया। डॉक्टर ने मरीज से पूछा – “भाई ! क्या आप मुझे पहचानते हो?”

मरीज ने कहा “लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है।”

डॉक्टर ने कहा …”याद करो, अंदाजन दो साल पहले सूर्यास्त के समय शहर से दूर उस जंगल में तुमने एक गाड़ी ठीक की थी। उस रोज मैं परिवार सहित पिकनिक मनाकर लौट रहा था कि अचानक कार में से धुआं निकलने लगा और गाड़ी बंद हो गई। कार एक तरफ खड़ी कर मैंने चालू करने की कोशिश की, परंतु कार चालू नहीं हुई। अंधेरा थोड़ा-थोड़ा घिरने लगा था। चारों और जंगल और सुनसान था। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी और सब भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिल जाए।”

थोड़ी ही देर में चमत्कार हुआ। बाइक के ऊपर तुम आते दिखाई पड़े ।हम सब ने दया की नजर से हाथ ऊंचा करके तुमको रुकने का इशारा किया।

तुमने बाईक खड़ी कर के हमारी परेशानी का कारण पूछा। तुमने कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही क्षणों में कार चालू कर दी।

God Keeps Account of This Wage

“हम सबके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। हमको ऐसा लगा कि जैसे भगवान ने आपको हमारे पास भेजा है क्योंकि उस सुनसान जंगल में रात गुजारने के ख्याल मात्र से ही हमारे रोगंटे खड़े हो रहे थे।

God Keeps Account of This Wage

तुमने मुझे बताया था कि तुम एक गैराज चलाते हो ।

“मैंने आपका आभार जताते हुए कहा था कि रुपए पास होते हुए भी ऐसी मुश्किल समय में मदद नहीं मिलती।

तुमने ऐसे कठिन समय में हमारी मदद की, इस मदद की कोई कीमत नहीं है, यह अमूल्य है परंतु फिर भी मैं पूछना चाहता हूँ कि आपको कितने पैसे दूं ?”

God Keeps Account of This Wage

उस समय तुमने मेरे आगे हाथ जोड़कर जो शब्द कहे थे, वह शब्द मेरे जीवन की प्रेरणा बन गये हैं “तुमने कहा था कि “मेरा नियम और सिद्धांत है कि मैं मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता।

मेरी इस मजदूरी का हिसाब भगवान् रखते हैं। “उसी दिन मैंने सोचा कि जब एक सामान्य आय का व्यक्ति इस प्रकार के उच्च विचार रख सकता है, और उनका संकल्प पूर्वक पालन कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता। और मैंने भी अपने जीवन में यही संकल्प ले लिया है। दो साल हो गए है, मुझे कभी कोई कमी नहीं पड़ी, अपेक्षा पहले से भी अधिक मिल रहा है।”

“यह अस्पताल मेरा है। तुम यहां मेरे मेहमान हो और तुम्हारे ही बताए हुए नियम के अनुसार मैं तुमसे कुछ भी नहीं ले सकता।”

“ये तो भगवान् की कृपा है कि उसने मुझे ऐसी प्रेरणा देने वाले व्यक्ति की सेवा करने का मौका मुझे दिया। “ऊपर वाले ने तुम्हारी मजदूरी का हिसाब रखा और वो हिसाब आज उसने चुका दिया। मेरी मजदूरी का हिसाब भी ऊपर वाला रखेगा और कभी जब मुझे जरूरत होगी, वो जरूर चुका देगा। “डॉक्टर ने मरीज से कहा ….

“तुम आराम से घर जाओ, और कभी भी कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के मेरे पास आ सकते हो। “मरीज ने जाते हुए चेंबर में रखी भगवान् कृष्ण की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि….

“हे प्रभु ! आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब ब्याज समेत चुका दिया।”

सदैव याद रखें कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है । और वो भी ब्याज समेत ।वर्तमान में कठिन समय चल रहा है । जितना हो सकता है लोगों की मदद करें । आपका हिसाब ब्याज समेत वापस आएगा ।

कभी किसी की मजबूरी का फायदा उठाकर बलवान नहीं बन सकोगे इसके लिए सदैव याद रहे कि ईश्वर ही एक ऐसी सत्ता हैं जो पूरी सृष्टि का संचालन करने में सामर्थ्यवान हैं ।

God Keeps Account of This Wage

*सूरज योगी*


आप सभी का दिन शुभ हो 🙏🏻😊